फूलपुर। दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालिम हासिल करना जरूरी है। क्योंकि दीनी तालीम दुनिया व आखिरत में भी फायदा पहुंचाती है। अपनी तमाम जरूरत को कम करके अपने बच्चों को तालीम दें। उक्त बातें मौलाना फरहत हुसैन मुश्तहिद ने शनिवार की रात मेजवां गांव स्थित इमाम बरगाह में मजलिस के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि तालीम नौकरी के लिए नहीं बल्कि अदब के लिए होनी चाहिए। मौजूदा समय में क़ौम को जेहालत से बाहर निकालने के लिए तालीम बहुत जरूरी है। यहां तक लिखा है कि नमाज न पढ़ने वाले बच्चों का खाना और पानी भी बंद कर देना चाहिए, लेकिन लोग ऐसा नहीं करते। नमाज और इंसानियत को जिंदा रखने के लिए इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में अपनी और अपने पूरे परिवार की कुर्बानी दे दी। यजीद बादशाह इमाम हुसैन से अपनी बैय्यत करवाना चाहता था। लेकिन इमाम हुसैन ने उसके सामने सिर नहीं झुकाया, बल्कि अपना सिर कटाना बेहतर समझा। इस दौरान मौलाना शकील फराज, आफ़ताब हुसैन, अफसर, नम्मन, रेहान, अलमदार, मेहदी, हसरत, महबर, शहवर, समर रजा आदि मौजूद थे।