आजमगढ़। शासन द्वारा फसलों के अवशेष जलाए जाने से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की प्रभावी रोकथाम एवं पराली जलाए जाने के शत-प्रतिशत नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उक्त जानकारी जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने दी।
उन्होंने बताया कि निर्देशों के अनुपालन में फसल अवशेष जलाए जाने की घटनाओं की निगरानी के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया किया गया है। जिसमे संबंधित ग्राम पंचायत प्रधान अध्यक्ष, संबंधित ग्राम पंचायत लेखपाल सदस्य, सचिव, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव सदस्य, संबंधित ग्राम पंचायत कृषि विभाग क्षेत्रीय कर्मचारी सदस्य एवं संबंधित ग्राम पंचायत गन्ना पर्यवेक्षक सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि उपरोक्त ग्राम पंचायत निगरानी समितियों का विकास खंड स्तर पर संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) निरंतर अनुश्रवण करके किसी भी दशा में फसल अवशेष न जलने दें।