मध्य प्रदेश प्रांत के दिलेरी धाम के साकेत पीठाधीश्वर योगी रामानंद दास जी महाराज का बृहस्पतिवार को नगर के बेलईसा स्थित अनिल सिंह के आवास पर आगमन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुजनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।
योगी रामांनद दास जी ने कहा कि सनातन धर्मावलंबियों के सबसे लोकप्रिय ग्रंथ श्री रामचरित मानस की कुछ पंक्तियों को विवादास्पद बताया जाना निंदनीय है। ऐसे चंद लोगों द्वारा यह समझने की कोशिश नहीं की गई है कि किस भाव, किस परिवेश, किस स्थान, किन कारणों से उक्त पंक्तियां उल्लेखित की गई है। उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी ने श्रीरामचरित मानस में देव, मानव, दनुज, सज्जन, किन्नर, खल सबकी वंदना की है, ऐसे लोगों का ध्यान इन पंक्तियों की तरफ क्यों नही जाता। जिससे साफ है कि ऐसे लोग कुतर्क कर समाज में विद्वेष पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि ऐसे लोग की टिप्पणियों को नजरअंदाज करें और भगवत भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को सफल बनाएं, क्योंकि मानसिक क्लेश, अशांति से मुक्ति सनातन धर्म में बताए गए योग व भक्ति मार्ग से ही मिल सकती है। हठ योग की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि सूर्य और चंद्र नाड़ी का मिलन ही हठ योग कहलाता है। जब सूर्य नाड़ी और चंद्र नाड़ी सक्रिय होती है तभी कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है। पंतजलि योग सूत्र में भी समाधि के लिए योग कहा गया है। र्निविकार अवस्था में ही ध्यान की झलक मानव को मिल सकती है।
इस मौके पर पंडित सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन, साहित्यकार संजय कुमार पांडेय, ऋषिकेश राय, अनिल सिंह, आरपी राय, वशिष्ठ नारायण सिंह, महंत संजय पांडेय, शाश्वत राय, प्रज्जवल राय, नीरज राय आदि मौजूद रहे।