नगरीय क्षेत्रों में बरसात के मौसम में जल जमाव न हो इसके लिए नाले-नालियों की सफाई आवश्यक होती है। शासन ने भी नाले-नालियों की सफाई बरसात पूर्व करा लेने का दिशा निर्देश दिया हुआ है। नगर पालिका परिषद इस कवायद में तो जुटा हुआ है लेकिन जेसीबी से हो रही सफाई में खेल हो रहा है। इक्का-दुक्का स्थानों से सिल्ट निकाल कर पूरा नाला साफ कर देने का कोरम ही पूरा किया जा रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में छोटे-बड़े कुल 52 नाले-नालियां है। जिसकी सफाई बरसात के पूर्व कर लेना आवश्यक है। अन्यथा की स्थिति में शहर को बरसात के मौसम में जल जमाव की समस्या से दो चार होना पड़ेगा। इन 52 नाले-नालियों में चार बड़े नाले है तो 22 मझोले व 26 छोटे नाले है। जिनसे शहर की नालियां जुड़ी हुई है और लोगों के घरों से निकलने वाला पानी इन्हीं नाले-नालियों के माध्यम से तमसा में गिरता है। 1972 से शहर में सीवर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। शासन ने बरसात के पूर्व नाले नालियों की सफाई का निर्देश जारी किया है। जिसे लेकर नपा प्रशासन अपने जेसीबी व मैन पॉवर के माध्यम से नाले-नालियों की सफाई करा रही है। नियमता ढकी नालियों की पटिया हटा कर सफाई की जानी है लेकिन ऐसा होता कहीं नजर नहीं आ रहा है। नपा की जेसीबी बृहस्पतिवार को शहर के ठंडी सड़क दुर्गा टाकिज के सामने स्थित नाले की सफाई कर रही थी। मात्र दो खुले जगहों से सिल्ट निकाल कर जेसीबी चालक चला गया। नाले की कायदे से सफाई न होनेे आने वाले बरसात के मौसम में जल जमाव का बड़ा कारण बन सकता है। यह अलग बात है कि नपा के रिकार्ड में पूरा नाल साफ कर दिया गया दिखाया जा रहा होगा। नगर पालिका के ईओ मनोज कुमार ने बताया कि अभी बढ़े-मझोले व छोटे नालों की सफाई कराई जा रही है। इसके लिए कर्मचारियों को हॉयर करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। पटिया आदि हटवा कर नालों की पूरी सफाई कराई जाएगी ताकि बरसात के मौसम में कोई दिक्कत न आने पाए।