पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अचानक उमस भरी गर्मी में फिर शुरू हुई अघोषित बिजली कटौती लोगों पर भारी पड़ रही है। सुबह बिजली नहीं रहने से जहां पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है, वहीं रातों में फाल्ट के कारण टहलकर लोगों को समय काटना पड रहा है। इसके अलावा दिनभर की आंख मिचौली ने जीना दुश्वार कर दिया है। अनियमित कटौती और दनादन फाल्ट से उपभोक्ता परेशान हैं। जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर करीब साढ़े छह लाख विद्युत उपभोक्ता है। शहरी क्षेत्र को 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत ठीक उलट है। स्थिति यह है कि जिला मुख्यालय को 18 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र को मात्र छह से आठ घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। कुछ गांवों में तो समस्या लंबे समय से बनी है। एक तरफ ट्रांसफार्मर के ओवर लोड होने के कारण जहां दनादन फाल्ट हो रहे हैं, वहीं लो वोल्टेज व अनियमित कटौती से परेशानी बढ़ गई है। यहां अधिकारी अपने हिसाब से रोस्टर निर्धारित करते हैं। उमसभरी गर्मी से बेहाल लोगों पर अघोषित कटौती जले पर नमक छिड़कने जैसा है। यहां निर्धारित 18 घंटे की जगह मात्र छह से आठ घंटे ही सप्लाई दी जा रही है। बीच-बीच में आंख मिचौली का खेल खेला जा रहा है।