फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से तालाब में तब्दील हुई शहर की सड़कें

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। बारिश से शहर के कई इलाके और मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी नदियों की तरह बहता नजर आया, जिसकी वजह से आवाजाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। वहीं सड़क की पटरियों को खोदकर गैस पाईप लाइन पिछाई गई है। जिसके कारण जमीन भी धंसी है साथ ही मिट्टी बहकर सड़क पर आ गया है। जिससे सड़कों पर फैली मिट्टी कीचड़ में बदल गई। आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। पिछले दो दिनों से मौसम बेहद गर्म रहा। बिजली के आने-जाने का क्रम जारी रहा। शनिवार की दोपहर भी मौसम काफी गर्म था लेकिन कुछ देर बाद मौसम ने एकाएक करवट ली और काले बादल ने घेर लिया। तेज हवाओं के साथ जमाझम बारिश होने लगी। करीब एक घंटा तक हुई झमाझम बारिश से शहर में जलभराव हो गया। देखते ही देखते सड़कें तालाब में तब्दील हो गई। सड़क पर पानी का बहाव भी तेज था। उधर बच्चे पानी का लुत्फ उठाते हुए दिखाई पड़े। पानी इतना था कि वह सड़क पर ही तैरते नजर आए। जल निकासी का सही बंदोबस्त न होने से शहर के अधिकांश स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री रहा तो वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहा। शनिवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री पर रहा। झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत जरूर हुई, लेकिन इसके साथ ही दुश्वारियां भी झेलनी पड़ीं। झमाझम बारिश होने से शहर के तमाम स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी रहीं, लेकिन कुछ स्थानों पर लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया।
विज्ञापन

बारिश से खिले किसानों के चेहरे, फसलों को मिला जीवनदान
रुठे मानसून से खरीफ फसल धान व अन्य फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिच गई थीं। पानी नहीं मिलने से फसल के पत्ते जहां पीले पड़ चुके थे। पानी के लिए किसानों के साथ-साथ आमजन भी टोने-टोटके के साथ इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए शिव मंदिरों में अभिषेक जैसे धार्मिक आयोजन किए जा रहे थ े। शनिवार को अचानक मौसम बदला और तीन बजे से करीब चार बजे तक अमृत वर्षा के रुप में जोरदार बारिश हुई, जिससे खरीफ फसल को मानो नया जीवनदान मिल गया। बारिश से किसान की चिंता भी दूर हो गई, हालांकि अभी भी किसान झमाझम बारिश के इंतजार में आस लगाए बैठे हैं। अच्छी बारिश ना होने से अभी नदी, नाले, कुएं खाली पड़े हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें