आजमगढ़। जिला मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह चहल ने बताया कि सिधारी थाना क्षेत्र के बैठौली गांव निवासिनी रिंकी सिंह ने शिकायती पत्र दिया कि अजय पाल सिंह के विरुद्ध कई आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद उन्हें ठेकेदारी के लिए चरित्र प्रमाण-पत्र जारी किया गया था। इसकी जांच एसपी आजमगढ़ से कराई गई।
जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि अजय पाल सिंह के खिलाफ गोंडा और लखनऊ के विभिन्न थानों में कई आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। जांच के आधार पर, अजय पाल सिंह को जारी किया गया चरित्र प्रमाण-पत्र निरस्त करने की सिफारिश की गई है। उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को ठेका नहीं दिया जाएगा। इस निर्णय के तहत, अजय पाल सिंह का चरित्र प्रमाण-पत्र निरस्त किया गया है, और भविष्य में इसका कोई भी उपयोग अवैध माना जाएगा।