मौसम का मिजाज वैसे तो शुक्रवार से ही बदला हुआ है, लेकिन शनिवार को चमक गजर के साथ कुछ क्षेत्रों में हुई बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। कई क्षेत्रों में हवाओं के झांके के चलते गेहूं की खड़ी फसल भी गिर गई। समाचार लिखे जाने तक कहीं भी तेज बरसात तो नहीं लेकिन किसानों के चेहरों पर हवाइयां जरूर उड़ती नजर आईं है।
मौसम का पारा शुक्रवार से ही लुढ़का हुआ है। शुक्रवार को तो ठंड हवाएं चल रही थी, लेकिन शनिवार की सुबह से ही बादलों का आना-जाना लगा रहा। शाम होते-होते गरज व चमक के साथ तेज हवाएं चलने लगी। जिससे कई किसानों की खड़ी गेहूं की फसल गिर तक गई। कुछ जगहों पर बूंदा-बांदी भी देखने को मिली लेकिन कहीं भी तेज बरसात समाचार लिखे जाने तक नहीं हुई थी। मौसम में हुए बदलाव से किसानों के चेहरों पर बल है। किसानों का कहना है कि यदि वर्तमान में हल्की बरसात होती है तो कोई खास नुकसान नहीं होगा लेकिन हवाओं के साथ बरसात होने पर गेहूं के फसल को काफी नुकसान पहुंच सकता है। वहीं इस साल आम के पेड़ों में काफी अच्छी बौर आयी है। ऐसे में तेज हवाओं के साथ बरसात होने पर उसे भी नुकसान पहुंच सकता है।