आजमगढ़। सगड़ी तहसील के देवरांचल में बाढ़ अपना कहर बरपा चुकी है। इसकी तबाही का आकलन करने के लिए हाल ही में केंद्र सरकार की तीन सदस्यीय टीम आई थी। टीम ने 50 करोड़ के नुकसान का आकलन किया है। प्रशासन की ओर से पहले शासन से 34 करोड़ की डिमांड भेजी गई थी वहीं अब इसे बढ़ाकर 50 करोड़ कर दिया गया है।घाघरा की बाढ़ ने देवारावासियों का तबाह कर दिया है। अभी भी धीमा ही सही नदी द्वारा कटान की जा रही है। नदी द्वारा इस वर्ष टेकनपुर रिंग बांध को काटने से यह तबाही और ज्यादा हो गई। किसानों की हजारों एकड़ फसल घाघरा नदी ने काटकर अपने आगोश में ले लिया। कई स्कूल और आशियाने घाघरा में विलीन हो गए। जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा और वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया और शासन तक हुए नुकसान की बात को पहुंचाई। देवारा क्षेत्र के किसानों द्वारा क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग उठाई जा रही थी। जिला प्रशासन की ओर से शासन द्वारा मिले पैसे से ब़ाढ़ पीड़ितों को मदद उपलब्ध कराई गई लेकिन जब पैसे कम पड़ गए तो प्रशासन ने शासन से 34 करोड़ रुपये की डिमांड कर दी। प्रदेश सरकार की ओर से इस धन के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया। तब नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र ने तीन सदस्यीय कमेटी को भेज दिया। केंद्रीय टीम ने देवारा क्षेत्र में पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और 50 करोड़ के नुकसान की रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद अब जिला प्रशासन की ओर से 50 करोड़ की डिमांड शासन से की गई है।