आजमगढ़। गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार बिट्ठलघाट पर प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव महराज का 551वां प्रकाशोत्सव रविवार को धूमधाम के साथ मनाया गया।
इस दौरान प्रबंधक सुरेंद्र सिंह चावला ने कहा कि गुरुनानक देव का जन्म ननकाना साहिब में सन 1465 में हुआ था। उन्होंने कीरत करो, वंड छको और नाम जपने का उपदेश संसार को दिया था। उन्होंने चार उदासी यात्राएं अपने जीवन काल में की और सभी को एक परम पिता परमात्मा से जोड़ा। इस मौके पर शबद-कीर्तन अरदास हुआ और गुरु का लंगर चलाया गया, जो देर शाम तक चलता रहा। इस मौके पर प्रबंध सुरेंद्र सिंह चावला सहित गुरुद्वारा श्री गुरुदनाक दरबार समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।