मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला ने बताया कि कोविड 19 में बढ़ते संक्रमण के रोकने के लिए सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर 23 अधिकारियों पर कारवाई की संस्तुति की गई है। उन्होंने बताया कि 14 मई से यह ड्यूटी शुरू हुई है। जिसमें पाया गया कि कुल 300 में से 22 सेक्टर मजिस्ट्रेट ऐसे हैं जो बिना किसी उचित कारण के ड्यूटी कटवाने का अनुरोध कर के ड्यूटी से शुरू से ही अनुपस्थित हैं। जबकि इस स्तर से उनके प्रार्थना पत्र का परीक्षण चल रहा था। इसमें लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता, पशुचिकित्सा व पशुधन प्रसार अधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी, प्राविधिक सहायक आदि श्रेणी के अधिकारी हैं। जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए डीएम द्वारा उनके विभागाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि लोक निर्माण विभाग के एक अधिशासी अभियंता को कार्य में रुचि न लेने, सूचना समय पर न देने एवं जूम बैठक से अनुपस्थित रहने के दृष्टिगत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने समस्त सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों को अवगत कराया है कि पूर्ण मेहनत से कोविड 19 के कार्यों को समयबद्ध रूप से संपादित करें क्योंकि यह वर्तमान में शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता कार्य है। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।