बरदह थाना क्षेत्र के सोनहरा गांव के पूर्व प्रधान की हत्या के 48 घंटे बाद भी हत्या का राजफाश पुलिस नहीं कर सकी है। जबकि परिजनों ने इस हत्याकांड में सात लोगो को नामजद किया है और पुलिस उनके नामों का भी खुलासा नहीं कर रही है। वहीं गंवई राजनीति के चलते ही भाड़े के हत्यारों द्वारा घटना को अंजाम दिए जाने की चर्चा जोरशोर से चल रही है। बरदह पुलिस की माने तो एक से दो दिन अभी और इंतजार करने की बात कही जा रही है।
सोनहरा गांव के पूर्व प्रधान रणविजय यादव उर्फ रन्नू यादव की बृहस्पतिवार की देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय पूर्व प्रधान ब्लाॅक मुख्यालय से वापस घर लौट रहे थे। शातिर अंदाज में बाइक सवार बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था। एक दो नहीं ताबड़तोड़ छह गोलियां मारी गई थी। घटना की जानकारी होते ही एसपी अनुराग आर्य भी मौके पर पहुंचे थे। परिजनों की तहरीर पर देर रात सात के खिलाफ नामजद मुकदमा बरदह थाना पुलिस ने दर्ज कर लिया। घटना को 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। परिजनों ने सात लोगों को नामजद किया है। इसके बाद भी पुलिस हत्याकांड का राजफाश करने में सफल नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं पुलिस नामजद किए गए लोगों का का नाम तक नहीं खोल रही है। वहीं गांव में इस बात को लेकर चर्चा आम हो रही है कि गंवई राजनीति के चलते ही भाड़े के शूटरों से पूर्व प्रधान की हत्या कराई गई है। वहीं पुलिस की दबिश का क्रम जारी है। कई लोगाें को पुलिस उठाकर पूछताछ की कवायद में जुटी है। एसओ अखिलेश कुमार मौर्या का कहना है कि अभी हत्यारों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। लेकिन एक से दो दिन का इंतजार करें। इस हत्याकांड का पुलिस खुलासा कर देगी।