इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) साफ्टवेयर पर फर्जी बिल लगाकर करोड़ों रूपए भुगतान के मामले में निलंबित किए गए अधिशासी अभियंता द्वितीय समेत तीन लोगों के खिलाफ शुक्रवार को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता प्रथम ने उक्त केस पंजीकृत कराया।
विद्युत वितरण निगम की ओर से ओएंडएम मद से विद्युत उपकरणों की खरीद के साथ ही मरम्मत का भी कार्य कराया जा रहा है। भुगतान के लिए ईआरपी पर बिल को अपलोड किया जाना था। जिससे कि संबंधित एजेंसियों का भुगतान कराया जा सके। ईआरपी पर अधिशासी अभियंता द्वितीय कार्यालय से भी भुगतान के लिए बिल अपलोड किया गया था। इसकी प्रबंध निदेशक वाराणसी के निर्देश पर तीन जांच समिति का गठन कर जांच कराई गई। जिसमें यह मामला कूटरचित पाया गया। अधिशासी अभियंता व कर्मचारियों द्वारा कूटरचित प्रपत्रों को ईआरपी पर अपलोड कर विभिन्न एजेंसियों को 138278904 का भुगतान करने का प्रयास कर निगम को वित्तीय हानि पहुंचाने की कोशिश की थी। बिलों पर एजेंसियों को भुगतान करने के लिए अधिशासी अभियंता ने हस्ताक्षर भी किया था।
मामले में प्रबंध निदेशक वाराणसी शंभू कुमार ने एक्सईएन, कार्यकारी सहायक व सहायक लेखाकार को निलंबित कर दूसरे जिलों से संबद्ध कर दिया था। इसके बाद प्रबंध निदेशक के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता प्रथम एपी सिंह ने डिवीजन द्वितीय के अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह, सहायक लेखाकर महताब आलम व कार्यकारी सहायक सूर्यप्रकाश सिंह के विरूद्ध शहर कोतवाली में शुक्रवार को फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराया। डिवीजन प्रथम के अधिशासी अभियंता एके सिंह को द्वितीय डिवीजन के एक्सईएन की जिम्मेदारी दी गई है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण के प्रबंध निदेशक का निर्देश के बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर डिवीजन द्वितीय के अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह, सहायक लेखाकर महताब आलम व कार्यकारी सहायक सूर्य प्रकाश सिंह के विरूद्ध शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इन पर ईआरपी पर फर्जी बिल अपलोड कर एजेंसियों को करोड़ों रूपए भुगतान करने की कोशिश की गई थी। -एपी सिंह, अधिक्षण अभियंता प्रथम