जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय से शिक्षक भर्ती की फाइल गायब होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बीएसए ने इस मामले में तत्कालीन पटल सहायक को नोटिस जारी करते हुए फाइल तलब की है। निर्देश दिया कि फाइल तलाश कर पेश की जाए जिससे समय रहते मामले का निपटारा किया जा सके। जानकारी मुताबिक, 1997 में जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। उस समय शासन की ओर से बीटीसी के समकक्ष बुनियादी शिक्षा विशारद के सर्टिफिकेट को यह कहते हुए अमान्य कर दिया गया था कि सेवा भारती अध्यापन मंदिर सेवापुरी वाराणसी संस्था को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिसके कारण दर्जनों लोगोंं की भर्ती रुक गई। इस पर जिले के ऐराकला जुवा निवासी संजय कुमार सिंह, मलगांव निवासी राकेश मिश्र ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की। विभाग की माने तो मानक के अनुसार हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बीए व बीटीसी थे लेकिन टीईटी की डिग्री न होने के कारण उन्हें नियुक्ति नहीं मिल सकी। 2013-14 में तत्कालीन बीएसए व पटल सहायक बाबू ने मामले का निपटारा करते हुए फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी। उसी फाइल की मांग जब आरटीआई से की गई तो वर्तमान समय के पटल सहायक बाबू ने जवाब में भेज दिया कि अभी फाइल नहीं मिल रही है। इस मामले को बीएसए ने संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन पटल देख रहे बाबू को नोटिस जारी कर फाइल पेश करने का निर्देश दिया। बीएसए समीर कुमार ने बताया कि मामले का निस्तारण वर्ष 2013-14 में ही कर दिया गया था। तत्कालीन पटल सहायक बाबू को फाइल प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।