आजमगढ़। ईंट भट्ठों के संचालन के लिए इनके संचालकों को विनियमन शुल्क जमा करना होता है। लेकिन 340 ईंट भट्ठों पर विनियमन शुल्क बकाया है। जिले में बिना विनियमन शुल्क जमा किए ईंट भट्ठों का संचालन नहीं होने देने का निर्देश डीएम ने दिया है। साथ ही कहा है कि अगर कोई ईंट भट्ठा बिना विनियमन शुल्क जमा किए संचालित होता मिला तो संबंधित एसडीएम की जिम्मेदारी जय की जाएगी। जनपद में कुल 501 ईंट भट्ठों का संचालन होता है। इनमें 340 ईंट भट्ठों पर विनियमन शुल्क बकाया है। यह विनियमन शुल्क कई वर्षों को बकाया है। जिसे लेकर डीएम अमृत त्रिपाठी गंभीर हो गए हैं। उनके द्वारा ऐसे ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। डीएम समस्त एसडीएम को पत्र जारी कर ऐसे ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सभी एसडीएम यह सुनिश्चित कर लें कि उनके क्षेत्र के किसी ईंट भट्ठे पर विनियमन शुल्क बकाया नहीं है। इसके बाद उनके द्वारा प्रमाण जारी किया जाएगा कि उनके क्षेत्र के किसी ईंट भट्ठे पर कोई बकाया नहीं है। इसके बाद ही उनका संचालन हो रहा है। लेकिन अगर जांच में यह गलत पाया गया तो संबंधित एसडीएम की जिम्मेदारी तय की जाएगी।