भारत दक्षा दल (बीआरडी) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती लावारिश मरीज को नहला धुला कर कपड़े पदले। इस दौरान दल के कार्यकर्ताओं ने मरीज को लावारिश हाल में छोड़ने वाले ढ़ाबा संचालक पर कार्रवाई करने की मांग की है। कोरोना काल में भारत रक्षा दल के कार्यकर्ता हर जरूरतमंद की मदद कर कर रहे हैं। रविवार को दल के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में गिरकर घायल हुए बच्चे का हाल चाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे। पता चला कि अस्पताल में लावारिश मरीज भर्ती है। जिसकी दुर्घटना में कमर की हड्डी टूट चुकी है, शरीर का निचला हिस्सा काम नहीं कर रहा है। जानकारी पर भारत रक्षा दल के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और मरीज को नहला धुलाकर बिस्तर, चद्दर आदि बदल कर सेवा की। कार्यकर्ताओं के इस प्रयास का अस्पताल परिसर में मौजूद मरिजों के परिजनों ने सराहना की। भारत रक्षा दल के नगर अध्यक्ष सुनील वर्मा ने बताया कि विगत दिनों कलेक्ट्रेट से गिरे बच्चे के ठीक हो जाने पर उसे डिस्चार्ज करवाने के लिए दल के कार्यकर्ता अस्पताल गए थे। वहां हमें जानकारी मिली कि एक युवा लावारिश वार्ड में एक महीने से भर्ती है। वहां पहुंचकर उससे बात की। मरीज ने अपना नाम रविंद्र बिहार का निवासी बताया। मां-बाप बचपन में गुजर गए तो वह ग्राम राजेपुर तहसील लालगंज आजमगढ़ में घुरहू पंडितजी के घर रहकर काम करता था। घुरहू पंडितजी की मृत्यु के बाद उनके पुत्र गुड्डू और नन्हे ने कहा कि कहीं और काम कर लो तो गाजीपुर जिले के पहाड़पुर मोहल्ले में नीरज ढ़ाबा पर काम करने लगा। एक मई को छत से गिरकर रविंद्र घायल हो गया। ढाबा मालिक गाड़ी में लादकर आजमगढ़ अस्पताल छोड़ गए, तब से यहां भर्ती हूं। बताया दोनों पैर सुन्न हो है और एक हाथ भी खराब हो गया है। भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं के मुताबिक महीने भर से बेड पर सोए रहने से पीठ में घाव हो गया है, वह बेड पर सोकर ही दैनिक क्रिया कर रहा है। कार्यकर्ताओं ने उसकी साफ सफाई करके कपड़े और बिस्तर भी बदल कर उसके परिजनों को सूचना देने में जुट गए। सेवा कार्य में डा. धीरजी, प्रदीप सिंह, सतीश शाक्य, अनूप श्रीवास्तव, रवि प्रकाश, हरिकेश विक्रम आदि शामिल रहे।