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ब्रांडेड का लिया दाम, लगाई चाइनीज लाइटें

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आजमगढ़। इन दिनों पंचायतों को सजाने संवारने के लिए गांव-गांव एलईडी लगवाई जा रही है। जिसके तहत जनपद की 866 ग्राम पंचायतों में एलईडी लाइट तो लगाई गई है। लेकिन इन लाइटों को लगाने में बड़े पैमाने पर खेल किया जा रहा है। शासन की ओर से ब्रांडेड लाइट लगाने का निर्देश दिया गया था लेकिन कमीशन खोरी के चक्कर में गांवों में चीनी लाइटों (चीन निर्मित)को लगाया जा रहा है, जो लगने के कुछ दिन बंद पड़ जा रही हैं।
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शहर की तर्ज पर गांवों के विकास की परिकल्पना को लेकर सरकार अपना कार्य कर रही है। इसके तहत एक तरफ गांवों को गंदगी मुक्त किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ गांव की गलियों को रोशन करने के लिए एलईडी लाइट लगवाई जा रही है। जिले की 1858 ग्राम पंचायतों में से 866 में एलईडी लगाने का कार्य किया गया है। इन ग्राम पंचायतों में 1776.37 लाख रुपये की 48097 लाइटें लगाई गई हैं। पंचायतों द्वारा एक लाइट की कीमत 3693 रुपये लगाई गई है। ग्राम पंचायतों में लगाई गई हर लाइट 50 वाट के क्षमता की है। ग्राम पंचायतों में लगने वाली इन एलईडी लाइटों को लगाने में बड़े पैमाने पर खेल किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों द्वारा ब्रांडेड कंपनी के नाम पर चाइनीज लाइटों को लगवाया जा रहा है। यह सारा खेल कमीशन का है। जिस कंपनी द्वारा ज्यादा कमीशन दिया जा रहा है उस कंपनी की लाइटें लगवाई जा रही हैं चाहे वह चाइनीज कंपनी की ही लाइटें क्यों न हों। जिसका परिणाम है कि बहुत से गांवों में लगी लाइटें कुछ दिन जलने के बाद बंद हो चुकी है। जिसके कारण यह लाइटें जिस मकसद से लगाई थी उस मकसद को पूरी नहीं कर पा रही हैं। जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि गांवों में लगने वाली इन लाइटों को ब्रांडेड हावेल्स, बजाज, फिलिप्स, सिस्का आदि कंपनियों की लाइटें लगवाने का निर्देश दिया गया था। वहीं सबकुछ जानते हुए भी जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं।
जिन लाइटों की कीमत विभाग ने लगाई 3693 वह आनलाइन 700 से 800 में उपलब्ध
आजमगढ़। सबसे बड़ी बात तो यह है कि विभाग द्वारा एक एलईडी लाइट की कीमत 3693 रुपये लगाई गई है। जिसके हिसाब से प्रति लाइट भुगतान भी ग्राम पंचायतों को किया जा रहा है। लेकिन अगर उन ब्रांडेड लाइटों की कीमत आनलाइन देखें तो इनकी कीमत मात्र 700 से 800 रुपये ही है। ऐसे में इतना पैसा मिलने के बाद भी लोकल और चाइनीज लाइटों का लगाया जाना समझ से परे है।
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हमारी ओर से इस संबंध में सभी एडीओ पंचायत से रिपोर्ट मांगी गई है। अगर कहीं से भी लोकल या चाइनीज लाइटें लगाने की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराकर संबंधित ग्राम प्रधान और सचिव से उस पैसे की वसूली की जाएगी।
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अजय श्रीवास्तव, डीपीआरओ।
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