आजमगढ़। तमसा काव्य मंच द्वारा रविवार की देर रात मारवाड़ी धर्मशाला में सैनिक सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें सैनिकों की उपस्थिति में कवियों ने देशभक्ति के रस से ओत प्रोत कविताओं का पाठन कर देशभक्ति का जज्बा जाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सैनिक एवं वरिष्ठ साहित्यकार हरिहर पाठक ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सूबेदार कारगिल फाइटर रघुनाथ पाण्डेय और अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व वायु सेना अधिकारी प्रकाश पाण्डेय एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में बीएसएफ में सैनिक प्रहलाद फौजी मौजूद रहे। सभी सैनिकों को तमसा सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। संस्था के संस्थापक व प्रबंधक राकेश पाण्डेय सागर एवं अध्यक्ष डॉ ईश्वर चंद्र त्रिपाठी और अन्य पदाधिकारियों द्वारा सबका सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ कार्यक्रम का संचालन कर रहे राजकुमार आशीर्वाद के सरस्वती वंदना से हुआ। सैनिक प्रहलाद फौजी ने, ये मिट्टी मेरे हाथों को मैला नहीं करती सुनाकर माहौल को देशभक्तिमय बना दिया। डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी ने मेरा जिंदा जमीर रहने दे, फकीर हूं फकीर रहने दे सुनाकर माहौल बना दिया। राकेश पांडेय सागर ने वर्तमान घटना चक्र पर रे मना इतना बता, क्यूं मर रहीं संवेदनाएं सुनाकर सबको झकझोर दिया। शायर संदीप गांधी नेहाल ने बहादुर बेटी को कुत्तों ने नोंच डाला सुनाकर बिगड़ते सामाजिक ताने बाने पर करारा प्रहार किया। रुद्रनाथ चौबे रुद्र ने गद्दारों की खैर नहीं है सुनाकर समां बांधा। देवेंद्र तिवारी देव ने वतन पर जान जो लुटाए, उन शहीदों को मेरा नमन है सुनाया। अजय कुमार पांडेय ने मां पर कविता सुनाकर सबकी आखों को नम कर दिया। कार्यक्रम में घनश्याम यादव, डॉ प्रवेश सिंह, आदित्य आज़मी, रत्नेश राय, अजय पांडेय पढौली, बालेदीन बेसहारा, बैजनाथ गंवार, रामबचन यादव आदि उपस्थित थे।