भाजपाजनों ने रविवार की सुबह रौनापार थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। वह रौनापार मंडल महामंत्री को पुलिस के उठाए जाने से आक्रोशित थे। लगभग तीन घंटे बाद एसएचओ जीयनपुर के पहुंचने व जांच का आश्वासन देने पर थाने का घेराव समाप्त किया। रौनापार थाना पुलिस शनिवार की रात उर्दिहा गांव में दबिश देने गई थी। इस दौरान भाजपा रौनापार मंडल के महामंत्री वीरेंद्र पटेल समेत दो अन्य को एसओ राम प्रसाद बिंद थाने उठा लाए। रातभर पूछताछ के बाद रविवार की सुबह उन्हें थाने से छोड़ दिया। महामंत्री को घर से उठा कर थाने लाए जाने की जानकारी होते ही भाजपाजन आक्रोशित हो गए और रौनापार मंडल अध्यक्ष शिवकुमार मौर्या के नेतृत्व में सुबह नौ बजे थाने पर पहुंचे और मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ कर घेराव किया। एसओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। उधर, थाने का घेराव होने की सूचना मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ सगड़ी महेंद्र शुक्ला के निर्देश पर एसएचओ जीयनपुर कोतवाली यादवेंद्र पांडेय मौके पर पहुंचे और घेराव कर रहे भाजपाजनों से वार्ता की। इसके बाद भाजपा नेताओं ने उन्हें पत्रक दिया।एसएचओ के आश्वासन पर लगभग तीन घंटे बाद थाने का घेराव खत्म किया गया। घेराव करने वालों में विजय पटेल, जगतनरायन गोंड, विनय मिश्रा, कालिका सिंह, दयाशंकर शुक्ला, रवि गुप्ता, संतोष पटेल आदि रहे। एसओ रौनापार रामप्रसाद बिंद ने बताया कि 22 जुलाई को इस्माइलपुर गांव निवासी विनोद यादव उर्दिहा गांव गया था। जहां वह किसी के घर में घुस गया। जिस पर गांव के लोगों ने उसे पकड़ लिया और बांध कर पिटाई की। जिसका किसी ने वीडियो बना कर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। एसपी के निर्देश पर ही वह उर्दिहा गांव में दबिश देने पहुंचे थे। वीडियो में मंडल महामंत्री के भाई भी शामिल थे। जिसके चलते महामंत्री को थाने पूछताछ के लिए लाया गया था। जिन्हें सुबह छोड़ भी दिया गया।
कोट
एक प्रकरण में भाजपा मंडल महामंत्री को थाने लाया गया था, जिसके विरोध में भाजपा के लोग थाने पर पहुंचे थे। एसएचओ जीयनपुर कोतवाली को मौके पर भेज कर मामला शांत कराने के साथ ही थाने का घेराव भी समाप्त करा दिया गया है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। महेंद्र शुक्ला, सीओ सगड़ी