आजमगढ़। दुर्वासा मेले से एक कार्यकर्ता को उठाकर रात भर थाने में बैठाने से नाराज भाजपाजनों ने शनिवार को अहरौला थाने का घेराव किया। भाजपानेताओं ने पुलिस पर कार्यकर्ता को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। मांग की जा रही है। अहरौला, माहुल और पवई क्षेत्र के 12 से अधिक पार्टी पदाधिकारी सुबह करीब 11 बजे अहरौला थाने पर पहुंचे। इस दौरान अहरौला थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों से उनकी जमकर कहासुनी हुई। भाजपा के लालगंज जिला मंत्री दिलीप बघेल ने बताया कि शुक्रवार की शाम दुर्वासा मेले में क्षेत्र के गजड़ी गांव में साइकिल स्टैंड पर होमगार्ड पर्ची पर लिखे मूल्य से दोगुने पैसे की वसूली कर रहा था। वह पैसा न देने पर लोगों से हाथापाई भी कर रहा था। इसकी शिकायत उसने भाजपा कार्यकर्ता शीतला निषाद से की। होमगार्डों ने इसकी जानकारी थाने के दो कांस्टेबल को दी। आरोप है कि मौके पर आए दोनों सिपाही बेवजह शीतल निषाद को पीट दिया और बिना किसी तहरीर के शीतल को लाकर थाने में लाकर बैठा दिया। पुलिसकर्मियों ने शीतला के मोबाइल और पैसे भी छिन लिए। थाने पर शीतला से जबरदस्ती मोबाइल व बाइक चोरी की बात कहने को कहा। आरोप है कि उक्त कार्यकर्ता को छोड़ने की एवज में थानाध्यक्ष ने अपने एक फॉलोवर के जरिये 20 हजार रुपये की मांग की। किसी तरह पैसे की व्यवस्था की तो फालोवर के माध्यम से फिर संदेश आया कि पैसा लेने के बाद भी 151 की करवाई होगी।भाजपाजनों के गुस्से को देखकर थानाध्यक्ष अहरौला मनीष पाल ने उक्त कार्यकर्ता को छोड़ने को तैयार हुए। इस मामले में शीतला निषाद ने थाने में तहरीर दी है। इस मौके अजय श्रीवास्तव, विमलेश पांडेय, मनीराम यादव, रविंद्र सिंह, सुधीर राजभर मौजूद रहे। इस संबंध में सीओ बूढ़नपुर किरण पाल सिंह का कहना है कि शुक्रवार को कुछ लोगों ने मामले में शिकायत की थी। मैंने नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए थानाध्यक्ष से कहा था लेकिन जो मामला निकल कर आया है उसमें सभी की भूमिका की जांच की जाएगी।