आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय बीए चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा पुराने सिलेबस को पढ़ा कर नए सिलेबस में करा दी गई। अब परीक्षा नियंत्रक इन 23 छात्रों की फिर से परीक्षा कराने की तैयारी कर रहे हैं। विवि प्रशासन ने बीएड चतुर्थ सेमेस्टर के कुल 56 विद्यार्थियों में से 33 की परीक्षा ठीक कराई। उन्हें जो पढ़ाया गया उसी सिलेबस से परीक्षा ली गई। लेकिन 23 में को पुराना सिलेबस पढ़ा कर नए सिलेबस के प्रश्नपत्रों से परीक्षा कराई गई। जब विवि को गलती का एहसास हुआ तो अब वह दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी में है। गलती चाहे भले विश्वविद्यालय प्रशासन की हो लेकिन अब विद्यार्थियों को फिर से परीक्षा शुल्क जमा करके परीक्षा फार्म भरना होगा। इससे उनकी जेब पर नाहक असर पड़ेगा। मुसरावि से आजमगढ़ और मऊ जिले के 438 काॅलेज जुड़े हैं। विश्वविद्यालय की स्थापना से पहले ये सभी महाविद्यालय वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से जुड़े थे। इस विश्वविद्यालय के 438 काॅलेजों में 15 सरकारी सहायता प्राप्त गैर-सरकारी कॉलेज, 4 सरकारी कॉलेज और 419 स्व-वित्तपोषित कॉलेज शामिल हैं। 28 अप्रैल 2021 से विश्वविद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र 2021-2022 शुरू किया गया। विवि का संचालन शुरू हुए लगभग तीन साल बीत गए। लेकिन अभी तक व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित नहीं हो पाई हैं।
पहले भी अनियमितता के मामले सामने आ चुके हैं
तीन साल पुराने महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में पहले भी इस तरह की गड़बड़ी के कई मामले आ चुके हैं। कभी विद्यार्थियों को लिफाफे में पेपर के स्थान पर सादा कागज भेज दिया जाता है तो कभी ई-मेल के जरिए महाविद्यालयों को पत्र भेजा जाता है।
कोट
परीक्षा फार्म भरते समय विद्यार्थियों की ओर से यह गड़बड़ी की गई। महाविद्यालयों ने भी इस पर गौर नहीं किया। इसके कारण परीक्षा समिति की बैठक में दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया। परीक्षा को लेकर तिथियों का निर्धारण भी कर दिया गया है।
विशेश्वर प्रसाद, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक, मसुरावि।