आजमगढ़। रक्षाबंधन के साथ ही त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। इन त्योहारों पर मिठाइयों की काफी डिमांड रहती है। लेकिन बाजार में बहुत से मिलावटी खाद्य पदार्थों से बनी मिठाइयां भी मौजूद हैं। जानकारी न होने के कारण ग्राहक उनकी खरीदारी भी करते हैं। ऐसे में जब भी मिठाई खरीदें सावधानी बरतें। जहां पर दुकानदारों द्वारा मिठाई की एक्सपायरी डेट और उसके निर्माण की तिथि अंकित की जा रही हो वहीं से लें। अन्यथा आपकी सेहत खराब हो सकती है। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अपना काम कर रही है लेकिन हमें भी सावधानी बरतनी होगी। कई दिन पूर्व की बनी मिठाई खाने से लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ता है। कई बार लोग ऐसी मिठाइयों को खाने के बाद बीमार हो जाते हैं। खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता की जांच के लिए समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर दुकानों से सेंपल जुटाए जाते हैं और उनकी जांच की जाती है। जांच में खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने पर दुकानदारों के ऊपर कार्रवाई की जाती है। उनके ऊपर जुर्माना लगाया जाता है। जनपद में 10 हजार से अधिक दुकानें पंजीकृत हैं। लेकिन अगर मिठाई की दुकानों को देखें तो ज्यादातर दुकानदारों द्वारा फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथारिणी आफ इंडिया के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जनपद के ज्यादातर मिठाई दुकानदारों द्वारा मिठाई की अंतिम तिथि नहीं लिखी जा रही है। जब सख्ती होती है तो नियम का पालन होता है। लेकिन बाद में पहले जैसी स्थिति हो जाती है।ऐसे में त्योहारों के सीजन में सतर्कता बरतते हुए मिठाइयों की खरीद करने की जरूरत है। कहीं ऐसा न हो कि स्वाद के चक्कर में आपकी सेहत खराब हो जाए।
न खरीदें अधिक कलर और चमक वाली मिठाई
आजमगढ़। सहायक आयुक्त खाद्य की मानें तो अधिक कलर और चमक वाली मिठाइयों को न खरीदें। ऐसी मिठाइयां जल्द खराब होती हैं। इन्हें खरीदने के पहले जांच लें। मावा से बनी मिठाइयों के भी अधिक तापमान में जल्द खराब होने की संभावना रहती है। इन्हें खरीदने से पहले सूंघकर करें शुद्घता की पहचान। अगर कोई मिठाई ज्यादा खुश्बूदार है तो उसे भी जांच लें क्योंकि ऐसी मिठाइयों में केमिकल होता है।
इस प्रकार करें वर्क की पहचान
आजमगढ़। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि ज्यादातर मिठाइयों पर दुकानदारों द्वारा चांदी का वर्क लगाया जाता ळे। जिससे मिठाई सुंदर और सेहत के लिए लाभप्रद हो जाती है। लेकिन चांदी का वर्क महंगा होने के कारण बहुत से दुकानदार एल्युमिनियम फाइल लगा देते हैं जो शरीर के लिए घातक होता है। ऐसी मिठाइयों को खरीदने से पहले वर्क को रगड़कर दें। रगड़ने पर असली वर्क फैल जाता है। जबकि नकली वर्क जमा रहता है।
सहायक खाद्य आयुक्त दीनानाथ यादव ने बताया कि शासन स्तर से दुकानदारों को मिठाई पर निर्माण और अंतिम तिथि लिखने का निर्देश दिया गया है। जिसका कुछ लोग पालन भी कर रहे हैं। लेकिन बहुत से दुकानदार अभी तक इसका पालन नहीं कर रहे हैं। हमारे द्वारा दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच की जा रही है। साथ ही दुकानदारों को भी मिलावट न करने की चेतावनी दी जा रही है। साथ ही लोग भी सतर्क रहें और जब भी मिठाई खरीदें तो उसकी गुणवत्ता जरूर जांच लें।