आजमगढ़। प्रतिकूल परिस्थिति में सबसे पहले लोग डायल 112 मिलाते हैं। ऐसे में सूचना मिलते ही पुलिस को त्वरित रिस्पांस देना होता है। प्रदेश स्तर से जारी रिस्पांस टाइम की रैंकिंग में बलिया तीसरे स्थान पर है। आंकड़ों के मुताबिक डायल 112 में सूचना मिलने के बाद बलिया पुलिस को मौके पर पहुंचने में 5.59 मिनट लगते हैं। यह जानकारी डीआईजी वैभव कृष्ण ने मंगलवार को जनपदवार अपराध और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा बैठक में दी।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले की समीक्षा की। डीआईजी ने बताया कि गैंग पंजीकरण के तहत अंतर्राज्यीय-3 गैंग के 13 सदस्य, रेंज स्तर पर-03 गैंग के 15 सदस्य, अंतर्जनपदीय स्तर की-7 गैंग के 21 सदस्य और जनपद स्तर पर (डी) 151 गैंग के 616 सदस्य पंजीकृत किए गए हैं। 665 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंग पंजीकरण की कार्रवाई की गई है। गुंडा एक्ट के तहत 371 अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 66 को जिलाबदर किया। इसमें उल्लंघन करने पर सात अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
27 मुठभेड़ में 60 आरोपी गिरफ्तार
आजमगढ़ की समीक्षा में उन्होंने कहा कि विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष लूट, हत्या, बलवा, अपहरण और दहेज हत्या के मामलों में कमी आई है। चोरी और साइबर ठगी की शिकायतीं बढ़ी हैं। डीआईजी ने बताया कि इस वर्ष कुल 27 पुलिस मुठभेड़ में 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया वहीं 27 घायल हुए हैं। वर्तमान वर्ष में कुल 119 ईनामी बदमाशों में से 32 गिरफ्तार किए गए। इसमें 50,000 रुपये के एक, 25,000 रुपये के पांच और 25,000 रुपये से कम के 28 बदमाश गिरफ्तार किए गए। 43 अदालत में पेश हुए। चिन्हित अभियोगों में पुलिस और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी से 199 अभियोगों में अभियुक्तों को सजा हुई है। जिले में कुल 109 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। वर्तमान में गैंगेस्टर अधिनियम के तहत 77 अभियोग दर्ज कर 335 के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 14 मामलों में कुल 2.54 करोड़ रुपये की जब्ती की गई। वहीं गुंडा एक्ट में 504 के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 164 आरोपियों को जिलाबदर किया गया। इसका उल्लंघन करने पर 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। डायल-112 माह सितंबर का औसत रिस्पांस टाइम 6.47 मिनट का है, इसकी प्रदेश में 8वीं रैंक है।
मऊ में इस वर्ष 59 में से 10 गिरफ्तार
मऊ में इस वर्ष दो मुठभेड़ में दो बदमाश गिरफ्तार किए गए हैं। इस वर्ष 59 ईनामी बदमाशों में से 10 गिरफ्तार हुए, इसमें 25000 के पांच और 25000 से कम के पांच आरोपी, 21 आरोपी अदालत में हाजिर हुए। वर्तमान में कुल 78 अभियुक्तों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। वर्तमान वर्ष में गैंग पंजीकरण के तहत परिक्षेत्र स्तर पर (आईआर)-तीन गैंग के 36 सदस्य, अंतर्जनपदीय स्तर की (आईडी)-4 गैंग के 19 सदस्य और जनपद स्तर पर (डी)-147 गैंग के 734 सदस्य पंजीकृत किए गए हैं। कुल 789 आरोपियों के विरुद्ध गैंग पंजीकरण की कार्यवाही की गई है।
बलिया में 46 ईनामी में से 13 गिरफ्तार
बलिया में भी इस साल साइबर अपराध में वृद्धि हुई है। इस वर्ष में लूट के पंजीकृत आठ मुकदमों में छह का अनावरण कर अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। लूटे माल की बरामदगी का करीब 40 प्रतिशत है। इस वर्ष में 46 ईनामी बदमाशों में से 13 अभियुक्त गिरफ्तार किये गये, जिसमें 25,000 रुपये का एक, 25,000 रुपये से कम के 12 बदमाश शामिल हैं। निरोधात्मक कार्रवाई में शस्त्र अधिनियम, गुंडा अधिनियम और गोवध में कार्रवाई अधिक हुई है। वहीं 37 अभियुक्तों की हिस्ट्रीशीट खुली है।