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Azamgarh News: बाबा पंकज महाराज ने दिया शाकाहार व सदाचार का संदेश

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खानपुर ​स्थित जय गुरुदेव आश्रम में सत्संग समारोह में महाराज का स्वागत करते लोग। संवाद - फोटो : अमर उजाला
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सरायमीर। खानपुर स्थित जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे तीन दिवसीय सत्संग समारोह में शुक्रवार को बाबा पंकज महाराज अपनी 38 दिवसीय शाकाहार, सदाचार, मद्यनिषेध एवं आध्यात्मिक जन-जागरण यात्रा के क्रम में सरायमीर पहुंचे थे। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने माल्यार्पण, पुष्पवर्षा, कलश, दीप, आरती तथा जयगुरुदेव ध्वज और बैंड-बाजों के साथ स्वागत किया। समारोह को संबोधित करते हुए बाबा पंकज महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में सत्संग की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। सत्संग मनुष्य के विचारों को शुद्ध कर उसे अच्छाई-बुराई, पाप-पुण्य तथा शुभ-अशुभ की पहचान कराता है। उन्होंने कहा कि सत्संग मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने मानव जीवन को ईश्वर प्राप्ति का दुर्लभ अवसर बताते हुए कहा कि मनुष्य शरीर भजन-साधना के लिए मिला है। जीवन की अमूल्य सांसों का सदुपयोग प्रभु-भक्ति में करना चाहिए। उन्होंने सुरत-शब्द योग (नामयोग) को कलियुग में ईश्वर प्राप्ति का सरल मार्ग बताते हुए श्रद्धालुओं को नामदान प्रदान किया। सुमिरन, ध्यान और भजन की विधि समझाई। बाबा पंकज महाराज ने जाति-पांति के भेदभाव को मानव निर्मित बताते हुए कहा कि परमात्मा की दृष्टि में सभी मनुष्य समान हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव में परमात्मा का अंश विद्यमान है और साधना के माध्यम से ही उसकी अनुभूति संभव है। उन्होंने शाकाहार को मानवता, शांति और सेवा का आधार बताते हुए कहा कि मांसाहार और नशाखोरी समाज में हिंसा, अपराध और कदाचार को बढ़ावा देते हैं। सभी धर्मों और समुदायों के लोगों से शाकाहार अपनाने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने बच्चों में अच्छे संस्कारों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने आगामी 28, 29 एवं 30 जुलाई को मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित गुरुपूर्णिमा महापर्व में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चंद्र महाराज, जिलाध्यक्ष रामचरन यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, संग्राम यादव, वसीम अहमद, डॉ. जेपी यादव, सकलदीप, गंगरू यादव, बाबूराम, किराराज, लालचंद, राजनाथ आदि मौजूद रहे।
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