आजमगढ़। नवीन और नवीकरण उर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आवासों में सोलर रूफटाप संयंत्रों की स्थापना के लिए पूरे प्रदेश केे जनपदों का लक्ष्य आवंटन किया गया है। इसके तहत जनपद को 400 किलोवाट के संयंत्र स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संबंध में अभिकरण की ओर से सभी परियोजना अधिकारियों और परियोजना प्रभारी नेडा को पत्र जारी किया गया है। नवीन और नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि अभिकरण द्वारा प्रदेश में ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटाप पावर प्लांट की स्थापना का क्रियांवयन व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। इस योजना को ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बढ़ावा देने के उद्देश्य से घरेलू क्षेत्र में भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा एक किलोवाट से तीन किलोवाट क्षमता तक के संयंत्र पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। तीन किलोवाट से अधिक और 10 किलोवाट तक के संयंत्र पर 20 प्रतिशत का अनुदान अनुमन्य किया गया है। केंद्रानुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के 15000 प्रति किलोवाट और अधिकतम 30000 प्रति किलोवाट का अनुदान अनुमन्य किया गया है। नवीन और नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ग्रिड कलेक्टेड सोलर रूफटाप फेज-दो के तहत आवासों में सोलर रूफटाप संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रदेश के सभी जनपदों को लक्ष्य आवंटित किया गया है। जिसके तहत आजमगढ़ मंडल को कुल 1000 किलोवाट का संयंत्र लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें आजमगढ़ को 400 किलोवाट, मऊ जनपद को 300 किलोवाट और बलिया जनपद में 300 किलोवाट का सोलर रूफटाप पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत उर्जा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से सभी को पत्र जारी किया गया है।