अहरौला। थाना क्षेत्र के मतलूबपुर बाजार में सोमवार को दो अलग-अलग व्यवसायियों के पास फोन कर पहले दवा मंगाई गई। फिर उनके खाते में दवा के मूल्य से ज्यादा पैसे भेजने का फर्जी मैसेज भेजकर शेष रकम वापस मांगी गई। रुपये नहीं देने पर उसने खुद को दीवान बताकर व्यापारियों को जेल भेजने की धमकी दी गई। जनसेवा केंद्र संचालक रोहित पांडेय के मोबाइल पर सोमवार को सुरेश यादव दीवान के नाम से अहरौला थाने से फोन करने की बात कही गई और उससे कहा गया कि यह हमारा खाता है इसमें 10000 रुपये तुरंत डालिए। मैं दीवान अहरौला थाने से बोल रहा हूं। मेरी मां की तबीयत बहुत खराब है। फोन करने वाले ने कहा कि हमने 10000 रुपये आपके पिताजी को दे दिया है। शंका होने पर जन सेवा संचालक के द्वारा यह बात अपने पिताजी से पूछी गई तो उन्होंने किसी व्यक्ति द्वारा पैसा दिए जाने से इंकार किया। जब उसने थाने पर फोन किया तो वहां उस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद फोन करने वाले व्यक्ति ने पुलिसिया धौंस देना शुरू कर दिया और जेल में बंद करने की धमकी भी दे डाली। इसके थोड़े ही देर बाद थाने के सामने स्थित नमन मेडिकल स्टोर के संचालक नमन मौर्या के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने अपने आप को इंडियन आर्मी का जवान बताया। अहरौला में मेडिकल कैंप लगाने की बात कही और कुछ दवा उपलब्ध कराने को कहा। दवाओं की लिस्ट व्हाट्सएप पर भेज दवा उपलब्ध कराने की बात कही। शंका होने पर संचालक ने दवाएं उपलब्ध न होने की बात कही। इस पर उसने किसी बड़े मेडिकल स्टोर का नंबर मांगा। नमन मौर्य ने बरनवाल मेडिकल स्टोर का नंबर दिया। फिर आरोपी बरनवाल मेडिकल के संचालक को खुद को इंडियन आर्मी बताकर फोन किया और दवाओं की लिस्ट भेजकर उसे तैयार रखने को कहा। विपुल बरनवाल ने 4000 रुपये की दवाओं का बिल उक्त व्यक्ति के मोबाइल पर वाटृसएप कर दिया। इसके बाद उसने विपुल एकाउंट में 40000 रुपये भेज दिया और फिर फोन किया कि गलती से 40000 रुपये चले गए। हमारे 36000 रुपए वापस कर दो। बिपुल जब 36000 रुपये उसके एकाउंट में ट्रांसफर करते लगा तो उस पर अलर्ट दिखने लगा। संदेह होने पर उसने पेमेंट नहीं किया। इस पर उसने खुद को आर्मी मैन बताकर धमकी देने लगा।