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Azamgarh News: बच्चों का शव पहुंचते ही परिजनों की चित्कार से ग्रामीणों की आंखे डबडबाईं, कुशलगांव में नहीं जले चूल्हे

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अंबारी। दीदारगंज थाना क्षेत्र के कुशलगांव में पोखरे में नहाने के दौरान डूबे चार बच्चों का शव जौनपुर में पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार की सुबह उनके घर पहुंचा। शव के पहुंचते बच्चों के परिजनों चित्कार से ग्रामीणों की आंखें डबडबा गईं। शोक में गांव में चूल्हे नहीं जले। परिजनों ने चार बच्चों का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान स्थल पर किया। इस दौरान दिल्ली से आए सगे भाइयों के पिता कमलेश भी मौजूद रहे। वह बच्चो की चिता के पास गमगीन होकर खड़े थे। वह रूंधे गले से बोले अकेला छोड़कर चले गए दोनों मेरे राजकुंवर घटना की जानकारी मिलते ही कमलेश दिल्ली से घर से लौट आए। वह बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे घर पहुंचे। कमलेश दोनो बेटों का शव देखते ही अचेत हो गए। परिजनों के मुताबिक कमलेश को 18 वर्षीय बेटी का ही सहारा है। उनके बेटी से राजकमल तेरह और राजकुंवर नौ साल छोटे थे। वहीं, इकलौते बेटे यश के पिता जयचंद भी रो-रो बेसुध हो गए। पुत्र को खोने के बाद जयचंद को तीन वर्षीय बेटी का ही सहारा है।
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कुशलगांव निवासी यश 8, अंश 8, समर उर्फ राजकुंवर 9 और राजकमल 5 बुधवार को दिन में गेहूं की बाली एकत्र करने के लिए घर से सिवान निकले थे। इस दौरान गर्मी होने पर चारों बच्चे गांव की पोखरी में उतर कर नहाने लगे। इसी बीच चारों डूब गए। मवेशी चरा रहे एक व्यक्ति के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीण अचेत चारो बच्चों को पोखरी से निकाल कर इलाज के लिए जौनपुर ले गए। वहां इलाज के दौरान देर शाम चारों बच्चों की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे चारों बच्चों का गांव पहुंचा। गांव का माहौल गमगीन हो गया। गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों को विधायक कमलाकांत राजभर, पूर्व सांसद दरोग प्रसाद सरोेज, सीओ फूलपुर अनिल कुमार, तहसीलदार मार्टीनगंज राजू कुमार ने ढाढस बंधाया।
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