अपूर्ण गोशालाओं को पूर्ण कर तत्काल उसकी क्षमता के अनुरूप गोवंश को संरक्षित किया जाए। कोई भी गोवंश एक्सप्रेस-वे पर, हाईवे पर एवं ब्रेकर पर घूमता हुआ नहीं मिलना चाहिए। उक्त निर्देश जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम विकास क्षेत्र के अंतर्गत पंचायती राज विभाग, पशुपालन विभाग, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण व एनआरएलएम आदि विभागों की समीक्षा के दौरान सीवीओ को दिए।
जिलाधिकारी ने पशु पालन विभाग गो-आश्रय स्थल पर भूसा, हरा चारा एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कहा। गोशालाओं के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए जाएं। गोवंश को स्वस्थ एवं अच्छा बनाने के लिए गौशाला के नजदीक चारागाह में नेपियर घास एवं अन्य हरे चारों का उत्पादन कराया जाए। कहा कि पशु आहार एवं चोकर आदि की व्यवस्था भी गोशाला में की जाए। डीएम ने पंचायती राज अधिकारी को निर्देश दिए कि अवशेष सामुदायिक शौचालय के लिए राजस्व विभाग के साथ मिलकर जमीन को चिन्हित करें। उसी के पास ही सामुदायिक शौचालय के लिए भी जमीन चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन के प्लास्टर और छत ढलाई तक के कामों को 20 अप्रैल तक हर हाल में पूर्ण कर लें। जिलाधिकारी ने कहा कि बीएलई रजिस्ट्रेशन, वॉलेट रिचार्ज आदि प्रारंभ कर दिया जाए। बीएलई रजिस्ट्रेशन न करने वाले संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।