आजमगढ़। पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू के साथ ही उनके सहयागी भरत राय की भी अपराधियों की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद जीयनपुर कस्बा की सभी दुकानें बंद हो गई और लोग पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने पर पहुंच कर पथराव व आगजनी कर दिए। कई वाहनों को बीच सड़क पर ही आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस-पब्लिक मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली से तीन लोगों की मौत हुई तो वहीं आधा दर्जन भर लोग घायल भी हुए थे। एक पखवारे तक कस्बे की दुकाने बंद रही और लोग धरना प्रदर्शन करते रहे। 19 जुलाई 2013 की सुबह पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू अपने सहयोगी भरत राय को लेकर किसी काम से जीयनपुर कोतवाली पर गए थे। वहा से वापस लौटने के बाद वे जीयनपुर चौक पर एक दुकान के बाहर खड़े होकर चाय भी पीये। इसके बाद वे कस्बा स्थित अपने आवास के पास ही पहुंचे थे कि बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायर कर दिया। जिससे गोली लगने से सीपू सिंह व उनके सहयोगी भरत राय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से कस्बे के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। सभी दुकाने धड़ाधड़ बंद हो गई। इसके बाद हजारों की भीड़ पुलिस महकमे पर आक्रोशित हो उठी और जीयनपुर कोतवाली पर पहुंच कर तत्कालीन कोतवाल विजय सिंह पर मुखबिरी का आरोप लगाते हुए पथराव कर दिया। इसके साथ ही परिसर में खड़े बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया। पथराव में कोतवाल का भी सिर फट गया था। लोगों को आक्रोश का यह हाल था कि पुलिस को उन्हें नियंत्रित करने के लिए जीयनपुर चौक पर फायरिंग तक करनी पड़ी। जिसमें दर्जन भर लोग पुलिस की गोली से घायल हुए। इन घायलों में शामिल जितेंद्र गुप्ता, चंद्रभान चौबे व संजय विश्वकर्मा की मौत हो गई। अन्य घायल कई माह तक इजाज कराने के बाद ठीक हुए। एक पखवारे से अधिक समय तक कस्बे में धरना प्रदर्शन चलता रहा तो वहीं कस्बे की दुकाने भी बंद रही। जिस वक्त पूर्व विधायक की हत्या हुई थी, उस समय वह बहुजन समाज पार्टी में थे। हत्या के बाद एक पखवारे तक जीयनपुर से लेकर सीपू के पैतृक गांव अमुवारी नरायनपुर तक लोगों का रेला उमड़ा रहता था। विभिन्न दलों के नेता मौके पर पहुंच कर शोक संवेदना व्यक्त करने के साथ ही हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। विधायक हत्याकांड के बाद लोगों में जीयनपुर कोतवाली पुलिस व तत्कालीन कोतवाल विजय सिंह के खिलाफ आक्रोश व्याप्त था। जिसे देखते हुए तत्कालीन एसपी अरविंद सेन ने कोतवाल विजय सिंह को निलंबित कर दिया। कई दिनों तक एसपी अरविंद सेन स्वयं थाने का प्रभार देख रहे थे।