शहर के सिधारी स्थित पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव के घर लोगों से मिलते पुर्व मुख्यमंत्री अखिले?
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आजमगढ़। निजी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आजमगढ़ सांसद अखिलेश यादव दो दिवसीय आजमगढ़ दौरे पर हैं। उनके इस दौरे का शहर पर भी साफ असर दिख रहा था। शहर में एक तो दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार की भीड़ ऊपर से अखिलेश के काफिले के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। वहीं, अपने प्रिय नेता से मिलने की आस में सर्किट हाउस पर सोशल डिस्टेंसिंग की भी जमकर धज्जियां उड़ीं। कार्यकर्ताओं की सुरक्षा में तैनात पुलिस से जमकर झड़प हुई। अखिलेश यादव रविवार देर शाम अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे थे। पूर्वमंत्री वसीम अहमद के घर शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद कई निजी कार्यक्रमों में शामिल हुए। इसके बाद रात्रि विश्राम के लिए सर्किट हाउस पहुंचे। व्यस्त शेड्यूल होने से कार्यकर्ताओं से मुलाकात नहीं हो पाई। सोमवार को सपाई तड़के से ही उनसे मिलने की आस में सर्किट हाउस पर जुट गए। कार्यकर्ताओं को भीड़ को पुलिसकर्मियों ने रोका तो वे झड़प पर उतर आए। बाद में व्यवस्था संभालते हुए वहीं लाइन लगवाई गई। अखिलेश यादव को सोमवार को भी कई कार्यक्रमों में शामिल होना था। इससे मिलने के होड़ में कार्यकर्ता धक्का-मुक्की करने लगे। इसमें एक दरवाजा भी क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने खदेड़ा तो हंगामे जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद अखिलेश सर्किट हाउस से रवाना हो गए। हरवंशपुर में बलिहारी बाबू के आवास पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ भी आम लोगों की भीड़ से आजमगढ़-वाराणसी मार्ग के साथ ही पहलवान मूर्ति से बवाली मोड़ तक का इलाका जाम हो गया। दोपहर में अखिलेश यादव के विधायक दुर्गा यादव के गांव निकलने के बाद तक यही स्थिति बनी रही। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के जिले में होने और सपा की ओर से किसानों के समर्थन में सोमवार को धरना-प्रदर्शन के एलान से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही हलकान दिखे। इस आशंका में कहीं अखिलेश धरने में शामिल न होने सुबह से ही सर्किट हाउस से लेकर कलक्ट्रेट तक पुलिस ने घेरेबन्दी कर ली थी। कलेक्ट्रेट के आसपास काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। हालांकि अखिलेश यादव को कार्यक्रमों को लेकर सपा की ओर से किसानों के समर्थन में किए गए धरने के एलान को वापस ले लिया गया। इसके बाद भी पुलिस फोर्स मुस्तैद थी। अखिलेश यादव के विदायक दुर्गा यादव के गांव निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निकलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से राहत की सांस ली।