कोरोना संक्रमण काल में मौतों ने इस कदर कहर ढाया कि बहुत से लोगों ने अपनों को खोया। कई गांवों में इस कदर मौतें हुई कि गांव के लोग सहम गए। हालांकि गांवों में अब मौतों पर लगाम लग चुकी है लेकिन आज भी लोग दहशत के इस माहौल से उबर नहीं पाए हैं। मार्टीनगंज विकास खंड का भादो गांव भी इससे अछूता नहीं रहा। गांव के लोग 27 लोगों की मौत के सदमे से आज भी नहीं उबर सके हैं। मार्टीनगंज विकास खंड की कुल आबादी 9000 है । इस गांव में पंचायत चुनाव के बाद एक-एक कर 27 लोगों की मौत हो गई। लगातार हुई इन मौतों से गांव में दहशत का माहौल है। लोग एक दूसरे से मिलना छोड़ चुके हैं। एक साथ उठना बैठना छोड़ अपने घरों तक सीमित होकर रह गए हैं। मरने वालों में बलई राजभर, रामबचन गौतम, हरिलाल, दिलशाद अहमद, रमेश यादव, सुल्तान अहमद, अतीक अहमद, पार्वती, अफरीकुन, रिजवान खान, हुस्न बानो, मुबारकुन, तहजीबुन, जाफरी बानो, रामपलट बेनबंशी, नथई राजभर, सुरेखा, बच्चूलाल, सरस्वती, बहाऊ, हरदेई, जीत राजभर, प्रेमा, मदीना, झिनकू मौर्या, पूर्व प्रधान हिफजुर्र रहमान सहित 27 लोग अकाल काल कवलित हो गए। वर्तमान में गांव में मौतों का सिलसिला थम चुका है लेकिन आज भी गांव के लोग सहमे हुए हैं।