आजमगढ़। पंचायत चुनाव के बाद जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। चुनाव से पहले प्रचार-प्रसार के दौरान गांवों और कस्बों में कोरोना गाइड लाइन का पालन न करने से संक्रमण ने पांव पसार लिया। मतदान से पहले हर दिन औसतन 235 मरीज मिल रहे थे। चुनाव खत्म होने के बाद बीते छह दिन से हर दिन औसतन 340 मरीज मिल रहे हैं। पंचायत चुनाव का शुरुआत में जनपद में कोरोना रफ्तार पकड़ने लगा था। नामांकन पत्र खरीदने, चालान बनवाने, फार्म जमा करने और नाम वापसी के दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। चुनाव प्रचार के दौरान भी कोविड गाइड का उल्लंघन किया गया। संक्रमण का ग्राफ बढ़ने के बाद भी लोग लापरवाही बरतते रहे। चुनाव के दौरान महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात से बड़ी संख्या में प्रवासी आए। बिना जांच कराए ही वह गांवों में घूम-घूमकर चुनाव प्रचार करते रहे। उनके द्वारा बरती गई यह लापरवाही अब भारी पड़ने लगी है। कोरोना का संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ा है। 19 अप्रैल तक अगर छह दिनों का आंकड़ा देखें तो जिले में औसतन 235 मरीज प्रतिदिन मिल रहे थे। लेकिन 20 के बाद 26 अप्रैल तक का आंकड़ा देखें तो औसतन प्रतिदिन मरीजों की संख्या 340 हो गई है। वहीं पंचायत चुनाव के तहत अभी दो मई को मतगणना होनी है। इसमें ब्लाकों से जिला मुख्यालय तक भीड़ उमड़ेगी। ऐसे में फिर संक्रमण बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग भी मान रहा है कि मतगणना के दौरान भीड़ जुटने से हालात और भी बिगड़ेंगे। लोग एक दूसरे के संपर्क में आएंगे। जिससे कोरोना संक्रमण का फैलाव होगा। हालांकि प्रशासन की ओर से मतगणना खुले स्थानों पर कराने का प्रबंध किया गया है।