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Azamgarh News: होली के बाद त्वचा और नेत्र विभाग की ओपीडी में बढ़े मरीज

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जिला अस्पताल में मरीज देखतीं डॉ. पूनम कुमारी। संवाद
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बलरामपुर। होली का रंग-बिरंगा उत्सव खत्म हो चुका है, लेकिन केमिकल युक्त रंगों का असर ओपीडी में दिखने लगा है। त्वचा पर चकत्ते, जलन, खुजली और आंखों में लालिमा जैसी शिकायतों के साथ शुक्रवार को ओपीडी में 290 मरीज पहुंचे। जिला अस्पताल में अन्य दिनों की अपेक्षा शुक्रवार को काफी भीड़ रही। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कुमार सेठ ने बताया कि छुट्टियों और होली के बाद ओपीडी में मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। पहले ओपीडी में रोजाना 80 से 90 मरीज आते थे, लेकिन शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 120 तक पहुंच गई। इसमें करीब 25 प्रतिशत मरीजों में केमिकल रंगों आंखों में खुजली लालिमा से पीड़ित आए। यही हाल त्वचा रोग की ओपीडी में भी था। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम कुमारी ने बताया कि सामान्य दिनों में ओपीडी में 110 से 120 मरीज आते थे, लेकिन होली के बाद यह संख्या बढ़कर 160 से 170 तक पहुंच गई है। इनमें से लगभग 20 से प्रतिशत मरीज रंगों से चेहरे पर चकत्ते, दाने और एलर्जी जैसी समस्याओं के साथ आए थे। डॉक्टरों ने बताया कि केमिकल रंगों में भारी धातु और अन्य हानिकारक पदार्थ मिले होते हैं, जो त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाते हैं और आंखों में संक्रमण या जलन पैदा करते हैं। मरीजों को एंटी-एलर्जिक दवाएं, क्रीम और आई ड्रॉप्स दिया जा रहा है।
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