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फर्जी निवास व आय दिखा आरटीई के तहत करा रहे दाखिला, जांच हुई तो कई फसेंगे

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आजमगढ़। फर्जी निवास प्रमाण पत्र व फर्जी आय दिखाकर निजी स्कूल में शिक्षा का अधिकार के तहत दाखिला लेने का मामला चल रहा है। अभिभावक गलत तरीके से दूसरे पते पर फर्जी निवास व आय प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं और आरटीई का दुरुपयोग कर रहे हैं। वहीं पात्र अभिभावक दाखिले के लिए भटक रहे हैं। यदि आरटीई के तहत हुए दाखिलों की जांच कराए तो सैकड़ों आवेदनकर्ता दाखिले के फर्जीवाड़े में फंस सकते हैं। जिसमे कई अधिकारी व लेखपाल भी फंसेंगे। निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत गरीब बच्चों का हक मारा जा रहा है। इस बार जिले में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए प्रथम चरण में 1770 लोगों ने आवेदन किया। जिसमें 889 का चयन हुआ। वहीं 105 आवेदन लॉटरी में निरस्त हो गई। 776 लोग ऐसे पाए गए जो अपने क्षेत्र के स्कूल में न आवेदन करके दूसरे क्षेत्र में स्थित स्कूलों में दाखिला के लिए आवेदन किया था। दूसरे चरण में 1572 लोगों ने आवेदन किया था। जिसमें 846 का ही चयन हुआ। बाकी 37 लोग लॉटरी से ही बाहर कर दिए गए और 689 लोगों के आवेदन निरस्त कर दिए गए, कारण कि वह ऐसे लोग थे जो निवास स्थान से दस से 12 किमी की दूरी पर स्थित स्कूल में आवेदन किए थे। वहीं तीसरे चरण में 1233 लोगों ने आवेदन किया। जिसमें 663 का चयन किया गया। लॉटरी में 33 आवेदन निरस्त हुए और अन्य ग्राम पंचायतों में आवेदन करने के कारण 537 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। हालांकि चयनित सूची में भी ऐसे नाम शामिल हैं जो आरटीई के तहत अच्छे विद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए फर्जी तरीके से उस ग्राम पंचायत या वार्ड का निवास प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तुल कुमार सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत गरीब बच्चों को निजी विद्यालयों में दाखिला दिलाया जाता है। कोई आवेदन करता है तो उसका निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र एवं आधार को चेक किया जाता है। अब वह फर्जी तरीके से निवास प्रमाण पत्र बनाकर दाखिला दिला रहा तो उस बारे में हम कुछ नहीं कर सकते। कारण कि प्रमाण पत्र तो सही है। जांच का विषय है।
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