आजमगढ़। उप्र परिवहन निगम की बसों में बिना टिकट यात्रा करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसको रोकने के लिए परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब इन बसों में यात्रा के दौरान बिना टिकट पकड़े जाने पर परिचालकों के साथ ही यात्रियों के खिलाफ भी प्राथमिकी (एफआइआर) दर्ज होगी। यात्रियों को किराए का कम से कम दस गुना अधिक जुर्माना भी भरना होगा।
अभी तक सिर्फ परिचालकों के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज कराई जाती रही है। परिवहन निगम ने बिना टिकट यात्रा कराने पर परिचालकों के साथ ही यात्रियों की भी जिम्मेदारी तय कर दी है। टिकट का किराया 50 रुपये से कम होने पर उसका दस गुना जुर्माना लगता है। 50 रुपये से अधिक किराए पर 500 रुपये का जुर्माना तय है। इसके बाद भी बसों में बिना टिकट यात्रा पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अब निगम के सहायक यातायात निरीक्षक रास्ते में बसों को रोककर न केवल टिकट चेक करेंगे, बल्कि इस दौरान वह मोबाइल फोन की मदद से जांच की वीडियो भी बनाएंगे। अनियमितता पकड़े जाने पर क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को सूचना देकर यात्री से जुर्माना वसूलेंगे। जुर्माने की राशि सीधे डिपो में ही जमा होगी।
बस में बिना टिकट पकड़े जाने पर बस के आखिरी स्टॉप तक का किराया वसूला जाएगा। यह किराया अगर सौ रुपये है तो जुर्माना एक हजार रुपये लगेगा। अभी तक अधिकतम जुर्माना पांच सौ रुपये था। न देने पर विधिक कार्यवाही भी की जाएगी।
केसरी नंदन चौधरी, आरएम आजमगढ़।