आजमगढ़। महाराणा प्रताप सेना का सम्मेलन रविवार को सिधारी स्थित एक होटल में हुआ।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ठाकुर बिजेंद्र सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप सिंह भारतीय आन-बान और शान के प्रतीक हैं। उनका संपूर्ण जीवन दर्शन है। वह आने वाली पीढ़ियों के स्रोत हैैं। कहा कि महाराणा प्रताप ने घास की रोटियों खाईं, मगर मुगलों के के आगे घुटने नहीं टेके। उन्होंने जंगल में रहना स्वीकार किया, लेकिन दास्ता को स्वीकार नहीं किया। इस दौरान संगठन के विस्तार में सहयोग देने वालों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को महाराणा प्रताप सेना के प्रदेश संयोजक सूर्यभान सिंह, प्रदेश महासचिव विनय सिंह, जिलाध्यक्ष जौनपुर रितू सिंह, प्रभुनरायण पांडेय प्रेमी, अजय प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह, डॉ. राम प्रवेश सिंह, अच्युतानंद त्रिपाठी, शिवम तिवारी, सुरेंद्र यादव, जयसिंह, मनोज सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।