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Azamgarh News: तीन डॉक्टरों की टीम ने बंदी का किया पोस्टमार्टम

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कैदी की मौत मामले में मोर्चरी के बाहर जुटी लोगों की भीड़ - फोटो : kathua news
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बलरामपुर। जिला अस्पताल का मोर्चरी हाउस सोमवार को पुलिस छावनी में तब्दील रहा। यहां छह थानों की पुलिस तैनात रही। नायब तहसीलदार माधवेंद्र की देखरेख में तीन चिकित्सकों की टीम ने हत्यारोपी उग्रसेन सिंह (36) के शव का पोस्टमार्टम किया। उधर, मोर्चरी हाउस पर परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया। उन्होंने जेल प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि जुनैदगंज बाइपास के पास रौनापार थाना क्षेत्र के मार्हा कर्मनाथ पट्टी निवासी रजनीश उर्फ राजू की 06 दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जिला कारागार में बंद मुबारकपुर के पुरुषोतमपुर निवासी उग्रसेन सिंह की तबीयत खराब होने पर रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उधर, शाम से ही परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। सोमवार को मां मीरा सिंह ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। दोपहर दो बजे सीओ सदर आस्था जायसवाल पुलिस की सुरक्षा में मां को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं। मां ने जेल प्रशासन पर लापरवाही और हत्या करने का आरोप लगाया। कोतवाल ने बताया कि नायब तहसीलदार सदर माधवेंद्र, सीओ सिटी शुभम तोदी की निगरानी में तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। जांच के लिए बिसरा रिजर्व किया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में शव को घर भेजा गया। उधर, घटना की जानकारी होने पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह पहुंचकर स्वजन को ढांढस बधाया। इस दौरान भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आशुतोष सिंह आदि रहे। कोतवाल यादवेंद्र पांडेय सहित काफी संख्या में पुलिस बल मोर्चरी पर तैनात रहे।
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