आजमगढ़। महराजगंज थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक पखवारा बीत जाने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। महराजगंज थाना पुलिस ने छेड़खानी में मुकदमा दर्ज कर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया था। बाद में शिकायत सीओ के पास पहुंची तो सीओ सगड़ी ने बच्ची का मेडिकल कराया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई। इसके बाद छेड़खानी में दर्ज मुकदमे में धाराओं की बढ़ोतरी कर दी गई। महराजगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग लड़की को गांव के ही दो युवक यह कहते हुए घर से बुला कर ले गए थे कि तुम्हारे पिता की तबीयत खराब हो गई है और वे बुला रहे है। इसके बाद दोनों युवक लड़की को सुनसान स्थान पर ले जाकर पूरी तरह रेप किया। सुबह बदहवास हाल में उसे गांव के पास छोड़ कर फरार हो गए। परिजनों से मिलने पर बच्ची ने आपबीती बतायी तो परिजन उसे लेकर थाने पर पहुंचे जहां एसओ महराजगंज ने छेड़खानी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया। घटना के तीन-चार दिन बाद मामला मीडिया के संज्ञान में आया और अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो सीओ सगड़ी अजय यादव ने बच्ची को मेडिकल के लिए भेजा चार दिन बाद रिपोर्ट आई तो रेप की पुष्टि हुई। इसके बाद छेड़खानी के मुकदमें में धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई। इतनी कवायद के बाद भी आज तक पुलिस नामजद अरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है, जिससे पीड़ित परिवार दहशत में है।