आजमगढ़। जिले में रंगे-बिरंगे प्रवासी पक्षियों के आगमन के साथ ही शिकार भी सक्रिय हो गए हैं। जानकारी के बावजूद वन विभाग इस दिशा मेें मौन साधे है। जनपद में सगड़ी तहसील के अजमतगढ़ का ताल सलोना, रानी की सराय का ताल बड़ैला, ठेकमां का जमुआवां ताल व महराजगंज का देवनई ताल काफी क्षेत्रफल में फैला हुआ हैं। इनके तट पर निवास करने वाले मल्लाहों सहित अन्य लोगों की रोजी-रोटी इसी तालों पर निर्भर हैं। वर्तमान समय में ठंड का मौसम शुरू होते ही विदेशी पक्षियों का प्रवास शुरू हो जाता है। इन तालों में रंग-विरंगे विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। लेकिन हर साल की तरह इस बार भी पक्षियों का शिकार करने वाले शिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। प्रतिदिन इन तालों में मेहमान पक्षियों कोे मारा और पकड़ा जा रहा है। इन पक्षियों को अजमतगढ़, जीयनपुर, रानी की सराय, बिलरियागंज आदि जगहों पर खुलेआम बेचा जा रहा है। अजमतगढ़ में तो दो सौ से लेकर पांच सौ तक विदेशी पक्षी बिक रहे हैं। इस मामले में बात करने पर डीएफओ आजमगढ़ सुभाष चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि विदेशी पक्षियों के शिकार करने वाले लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर एक टीम गठित की जाएगी, जो इन तालों का भ्रमण करेगी। ऐसे में जो भी शिकारी पकड़ में आएगा, उसके कत्तई बख्शा नहीं जाएगा।