आजमगढ़। 12 सूत्री मांगों को लेकर आटो रिक्शा चालक समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक के नेतृत्व में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुई तो सात फरवरी को आटो रिक्शा, ई-रिक्शा चालक पूर्णरूप से हड़ताल को बाध्य होंगे। कृपाशंकर पाठक ने बताया कि जिला प्रशासन की कार्यशैली के चलते आटो रिक्शा चालक बेहद उपेक्षित है। पुलिस की ओर से चालकों का शोषण किया जा रहा है। धनउगाही की जा रही है। प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक हमारी समस्याओं का निदान नहीं किया गया। बताया कि आटो रिक्शा की नो एंट्री समाप्त की जाए, पेट्रोल-डीजल के दाम कम किए जाएं, बिजली के खंभों को नाली के पार लगाया जाए, सड़क किनारे अतिक्रमण हटवाया जाए, चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा और ट्रैफिक सिग्नल लगाकर यातायात व्यवस्था को सरल बनाया जाए। रेलवे स्टेशन पर पड़ाव अड्डे के नाम पर हो रही अवैध वसूली को बंद कराई जाए आदि शामिल है। फिटनेस के नाम पर लिए जा रहे मनमाने शुल्क पर कई प्रदेशों में उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है, जबकि यह शुल्क आज भी उत्तर प्रदेश में वसूला जा रहा है। संरक्षक प्रभुनारायण प्रेमी व छोटेलाल ने कहा कि समिति की मांगे जायज हैं। निदान छह फरवरी तक नहीं हुआ तो सात फरवरी को समिति पूरे जनपद में हड़ताल को बाध्य होंगे। शाहिद अहमद, हलधर दुबे, विरेन्द्र यादव, दिवाकर यादव, ओमकार, मुकेश, सोनू लाल, कोमल चौबे, नफीस, विन्ध्याचल, मुउजैर, गुड्डू, प्रेम, शंकर, खरपत्तू, अफरोज, गोवर्धन, रामा, रामअवतार, सुरेन्द राम, जयहिन्द यादव, कैलाश यादव मौजूद रहे।