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2030 तक सभी घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाना लक्ष्य

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आजमगढ़। कमिश्नर जगतराज ने कहा कि वर्तमान में पानी का अपव्यय भी बहुत अधिक बढ़ा है। दूषित पेयजल के प्रयोग से बचाव और अपव्यय रोकने के लिए सामुदायिक आधारित पाइप पेयजल योजना संचालित की गई है। कमिश्नर शुक्रवार को अपने कार्यालय के सभागार में सामुदायिक आधारित पाइप पेयजल योजना की मंडलीय कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रासायनिक पदार्थों के अंधाधुंध प्रयोग से भूगर्भ जल दूषित हो रहा है। प्लास्टिक के प्रयोग और अनियमित जल दोहन से जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसके प्रति सजग नहीं हुए तो निकट भविष्य में कई प्रकार की विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। विपरीत परिस्थितियों से बचाने के लिए समुदाय आधारित पाइप पेयजल योजना शुरू की गई है। योजना के माध्यम से 2030 तक सभी घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाना लक्ष्य है। योजना के समुदाय आधारित होने से उसकी स्थापना, रखरखाव, संरक्षण आदि कार्य सुगमतापूर्वक एवं प्रभावी ढंग से लंबी अवधि तक किया जा सकता है। संयुक्त विकास आयुक्त हरिश्चंद्र वर्मा, सीडीओ मऊ आशुतोष कुमार द्विवेदी, डीडीओ मऊ विजय शंकर राय, अधीक्षण अभियंता जल निगम एमसी श्रीवास्तव, डीपीआरओ मऊ एसपी सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम एमए किदवई सहित अन्य अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। डीसी यूनिसेफ अश्विनी तिवारी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी।
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