आजमगढ़। मुबारकपुर स्थित ईशमार्ग संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मृतक आश्रित के रुप में बिना योग्यता के ही शिक्षक के तैनाती का मामला प्रकाश में आया है। शिकायत पर डीआईओएस ने दो सदस्यीय टीम से जांच भी कराई, जिसमें आरोप की पुष्टि भी हुई, इसके बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता चंद्रभान राजभर पुत्र फेरई राजभर निवासी जमीन गंगुवा गोपालपुर तहसील सगड़ी के अनुसार ईशमार्ग संस्कृत उमावि मुबारकपुर पर तैनात सहायक अध्यापक दुर्गेश पांडेय की नियुक्ति बिना योग्यता के ही कर दी गई है। सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए योग्यता शिक्षाशास्त्री/बीएड है। लेकिन सहायक अध्यापक दुर्गेश पांडेय के पास यह योग्यता नहीं है। ऐसी स्थिति में दुर्गेश की नियुक्ति ही फर्जी है। चंद्रभान की इस शिकायत पर डीआईओएस ने दो सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित की थी। जिसमें जीजीआईसी की प्रधानाचार्य सुधा सिंह व तेरही स्थित अभिनव विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश उपाध्याय शामिल थे। इन दोनों ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट डीआईओएस को सौंप दी है। जिसमें दुर्गेश की नियुक्ति को वैध नहीं माना गया है। इस जांच रिपोर्ट के बाद डीआईओएस ने दुर्गेश को स्पष्टीकरण देने के लिए 19 दिसंबर को ही बुलाया था लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद भी बिना योग्यता के नियुक्ति पाए दुर्गेश के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं दुर्गेश पांडेय का कहना है कि मेरी नियुक्ति में किसी तरह का पेंच नहीं है। शासनादेशों के अनुरूप ही मेरी नियुक्ति हुई है। डीआईओएस कार्यालय द्वारा पत्र मिला है, जिसमें साक्ष्य मांगे गए हैं, लेकिन साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कोई तिथि नहीं दी गई है। जब डीआईओएस डेट देंगे तब वह साक्ष्य लेकर उनके कार्यालय पर उपस्थित हो जाएंगे।