आजमगढ़। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में ग्राम दरौरा, भंवरनाथ मंदिर के प्रांगण में एक दिवसीय सत्संग और भंडारे का आयोजन किया गया। आशुतोष महराज के शिष्य स्वामी नरेंद्रानंद ने प्रवचन करते हुए कहा कि जीवन में सत्संग की अति आवश्यकता होती है। सत्संग के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। सभी महापुरुषों ने भी सत्संग की महिमा का बखान किया है। उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी कहते है कि सत्संग विवेक का जन्मदाता है। सत्संग का अर्थ है ईश्वर के संग होना। कार्यक्रम का समापन स्वामी अर्जुनानंद और भक्तों की आरती से हुआ। इस मौके पर जोखू साहू, कैलाश प्रसाद गोंड, मंशू, आनंद, लकी सिंह, मुंशी बाबा, सीताराम, कन्हैया, उमेश, गोपाल, प्रभाकर, मीरा सिंह, रंजना सिंह, वंदना, गिरजा देवी, बिंदु, किरन सिंह, ज्योति, पूजा, श्रेया सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।