सरायमीर। रेलवे प्रशासन की मिलीभगत से टिकट दलालों की स्टेशन पर चांदी कट रही है। इनके कारण आम आदमी को तत्काल टिकट मिलना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। हर स्टेशन पर इन्हीं दलालों का पहला और दूसरा नंबर लगता है। इनका टिकट कटते ही दूसरों का टिकट वेटिंग हो जाता है। इससे आम आदमी को मायूसी हाथ लग रही है। रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर के पास दलालों पर रोक लगाने के लिए शासन स्तर से सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया था लेकिन जिले में शायद ही कोई स्टेशन होगा जहां कैमरा लगा हो। जहां लगा भी है वो चलता नहीं। इस हालत से सरायमीर स्टेशन भी अछूता नहीं है। रेलवे आरक्षण खिड़की पर रात से ही यात्री लाइन लगाकर पड़े रहते हैं। टिकट बाबू आरक्षण फार्म जमा कर लेता है। जब टिकट मिलने की बात आती है तो कहा जाता है कि जगह नहीं है वेटिंग लग गई है। जबकि दलालों का टिकट पहले नंबर पर ही बना दिया जाता है। जब कोई यात्री इसका विरोध करता है तो रेलवे कर्मचारियों से पहले दलाल ही उनसे मारपीट करने पर आमादा हो जाते हैं। उनकी शिकायत भी नजरअंदाज कर दी जाती है। लगभग तीन माह पहले सरायमीर थाना क्षेत्र के गाहूखोर निवासी अभिनव उर्फ लकी के साथ भी यही हुआ। तीन दिन तक लाइन लगाकर पहला नंबर होने के बावजूद टिकट नहीं मिला और दलालों का टिकट बन गया। उन्होंने इसकी शिकायत रेलमंत्री सहित रेलवे विभाग के आनलाइन पोर्टल पर भी की लेकिन हुआ कुछ नहीं।