आजमगढ़। तत्कालीन एसडीएम लालगंज पर स्थानातंण के बाद रिश्वत लेकर क्षेत्र के करीब 50 से अधिक लोगों को सरकारी जमीन उनके नाम करने की शिकायत द बार एसोसिएशन लालगंज के अध्यक्ष लालजी सिंह ने पिछले दिनों राजस्व परिषद से की थी। परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने इसकी जांच कमिश्नर को सौंपकर 15 दिनों में मामले की रिपोर्ट मांगी है। द बार एसोसिएशन लालगंज के अध्यक्ष लालजी सिंह ने 23 और और 22 जून को राजस्व परिषद से शिकायत की थी कि तत्कालीन एसडीएम का स्थानांतरण 10 मई को चंदौली जनपद के लिए हो गया था। आरोप लगाया था कि उन्होंने इसके बाद भी कार्य विशेष के लिए आरक्षित ग्राम पंचायत की भूमि को पैसा लेकर आबादी के रूप में अंकित कर दिया। जनवरी से 11 अप्रैल तक 191 मामले आबादी के रूप में दर्ज किए गए हैं। इसके बाद कुछ प्रभावशाली लोगों के प्रभाव में आकर 14 से 16 मई तक 76 मामलों को ग्राम सभा से खारिज कर आबादी में दर्ज कर दिया। सिधौना गांव में दो एकड़ सरकारी जमीन प्राइमरी पाठशाला की है। इस पर अवैध रूप से कब्जा दिलवा दिया गया। गांव अवहद में लाखों की भूमि अपात्रों को दे दी। इसके अलावा भी कई मामलों का जिक्र किया गया था। राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने इसे गंभीर मामला मानते हुए कमिश्नर को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही 15 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट तलब की है।