आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड कापियों का मूल्यांकन कार्य रविवार को दूसरे दिन भी ठीक ढंग से नहीं शुरू हो सका। वित्त विहीन शिक्षक संघ ने अपने मूल्यांकन बहिष्कार आंदोलन के तहत जीजीआईसी के कोठार पर तालाबंदी कर दी और मूल्यांकन कार्य नहीं होने दिया। इस बात को लेकर डीआईओएस और शिक्षकों में जम कर बहस भी हुई। शहर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आंदोलित शिक्षकों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। जहां से उन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। बोर्ड कापियों के मूल्यांकन को लेकर जिले में चार केंद्र शिब्ली इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज, राजकीय बालिका इंटर कालेज और इंटर कालेज सठियांव बनाये गये है। वित्त विहीन शिक्षक संघ और माध्यमिक शिक्षक संघ रामजनम गुट मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर रहा है। जिसके चलते शनिवार से शुरू हुआ मूल्यांकन का कार्य अब तक रफ्तार नहीं पकड़ सका है। रविवार को दूसरे दिन राजकीय बालिका इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर वित्त विहीन शिक्षक संघ ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने जीजीआईसी के कोठार पर तालाबंदी कर पूरी तरह से मूल्यांकन ठप करा दिया। सूचना पर डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा भी मौके पर पहुंच गए और शिक्षकों को समझाने का प्रयास शुरू किया। वित्त विहीन शिक्षकों का नेतृत्व वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश महासचिव अजय सिंह और लालबिहारी यादव कर रहे थे। शिक्षक नेताओं का डीआईओएस से काफी नोकझोंक भी हुआ। डीआईओएस की सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शिक्षकों हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। जहां कुछ देर बैठाये रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। अजय सिंह ने कहा कि मानदेय और पुरानी पेंशन बहाली को लेकर संगठन का आंदोलन चल रहा है और जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, हरिराम यादव, अच्यूतानंद त्रिपाठी, महादेव, रणजीत, पंकज, श्यामनरायन, दिनेश, शेरबहादुर, नरेंद्र, शेषनाथ, गुलाब, रामजनत, जफर, मनोज, रामशब्द समेत सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।