आजमगढ़। मरीज के पर्चे पर ब्रांडेड दवाओं के मिलती-जुलती नाम की अधोमानक दवाएं लिखी जा रही हैं। इसमें दवा सप्लायर, विक्रेता से लेकर चिकित्सक तक के मोटी कमाई करते हैं। जबकि अगर देखें तो विगत पांच महीनों में औषधि विभाग द्वारा 75 दवाओं के नमूने लिए गए। जिनकी जांच में दो दवाओं के नमूने फेल पाए गए।
इन अधोमानक दवाओं में दोगुने से अधिक का मुनाफा है। दवा कारोबारी उत्तराखंड, दिल्ली, हिमाचल से दवा मंगाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इससे मरीजों की जेब ढीली होने के साथ ही बीमारी भी जल्द ठीक नहीं होती है। क्योंकि इन दवाओं में मानक के मुताबिक साल्ट नहीं पाए जाते हैं। दिसंबर 2023 में जिले भर में अब तक 75 दवाओं के नमूने लिए गए। विभाग ने इन दवाओं की गुणवत्ता की जांच के आगरा स्थित लैब में भेजा। अब तक फरवरी तक लिए गए नमूनों की जांच का ही रिजल्ट सामने आया है। जिसमें दो दवाएं अधोमानक पाई गई है। लेकिन अभी इनकी बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगा है। औषधि निरीक्षक का कहना है कि अभी उसकी विवेचना की जा रही है।
अधोमानक दवाओं पर अंकुश के लिए निरंतर जांच की जाती है। अभी हाल ही में कुछ नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है। जिसमें दो दवाएं मानक के अनुसार नहीं मिलीं। विवेचना के बाद इस मामले को सीजेएम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। - डा. सीमा, औषधि निरीक्षक।