सरायमीर। कस्बा स्थित थाना रोड पर रविवार को बज्मे कैफ़ी आजमी की ओर से कैफ़ी आजमी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्षता मशहूर शायर डॉ. शफीक आजमी और संचालन रजब शेरवानी ने किया। शुभारंभ मतीन खैराबादी की नाते पाक से हुआ। मिल्लत लोहियावी ने सुनाया कि जिस्मे उर्दू के लिए जान है बज्मे कैफ़ी, फिक्र और फन इल्म की पहचान है बज्मे कैफ़ी। प्रीति गोंड ने सुनाया कि सभी को आज नए साल की बहार मिले, नई उमंग मिले और नया प्यार मिले। डॉ. शफीक आजमी ने कहा कि मेरी वफाओं का ये दुनिया क्या सिला देगी, बहुत करेगी नया जख्म एक लगा देगी। डॉ. आफताब मुजाहिद ने सुनाया कि कैसे इनकार करूं क्या कोई जरदार हूं मैं ,एक मजदूर हूं उजरत का तलबगार हूं मैं। इसके अलावा समाजसेवी आसमा तारिक, शायर हासिम जफ़र, अकील पैकर, साकिब,अबूशाद, शफीउल्लाह,अरशद कमर, रजब शेरवानी आदि ने भी अपनी रचनाएं पेश की।