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मानक के अनुरूप न बनने के बाद भी हो गया पेमेंट

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सठियांव । विकास खंड के असोना ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले 25 शौचालय मानक के अनुरूप नहीं मिले थे। इसके बाद भी लाखों का रुपये का भुगतान हो गया। दिलचस्प बात यह है कि दो शौचालय आज भी अपूर्ण है। पूर्व प्रधान बांके लाल ने इसमें बड़े गोलमाल का आरोप लगाया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2017-18 में सठियांव विकास खंड की असोना ग्राम पंचायत में 25 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित था। भुगतान के लिए सचिव व ग्राम प्रधान का एक अलग से खाता ग्राम निधि छह है। प्रधान व सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से चेक द्वारा भुगतान किया जाता है। भुगतान की पहली प्रक्रिया दो गड्ढों के बाद सीट बैठाने पर होती है। जिसमें लाभार्थी को 6000 देय है। बाकी धनराशि तैयार हो जाने पर दिया जाता है। गांव में गनपति, नंदलाल, शांति, शिवलाल, शिवधारी, तुफानी आदि सहित 25 लोगों को योजना का लाभार्थी बनाया गया। प्रोग्रेस रिपोर्ट और जांच, पड़ताल में 23 को मानक के अनुसार न बनाना दिखाया गया। जिसमें चंद्रमा और अमरजीत के शौचालय अपूर्ण हैं। उसके बाद भी भुगतान कर दिया गया है। सचिव संजय सिंह का कहना है कि गलत है लेकिन क्या करें पैसा खाते में चला गया। लिखा पढ़ी के साथ संबंधित लाभार्थी को सूचित कर दिया गया है। जबकि नोडल अधिकारी डा. रजनीश यादव का कहना है कि उस समय मानक का कोई मामला नहीं था। इस संबंध में पूर्व प्रधान बांके लाल यादव ने आरोप लगाया कि कई लाभार्थी ऐसे है जिनका शौचालय पहले का बना है और इसमें भुगतान कर गोल माल किया गया है।
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