आजमगढ़। तहसील मेंहनगर के नई ग्राम पंचायत में कोटे की दुकान को लेकर काफी समय से विवाद चला आ रहा है। कई बार खुली बैठक भी हुई, फिर भी दुकान का निर्धारण नहीं हो सका। इस बीच एडीओ एसटी ने बैठक कर कोटा एक व्यक्ति के नाम से आवंटित कर दिया। इस पर नाराज ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से शिकायत किया है। ग्राम प्रधान ब्रह्मदेव पांडेय ने बताया कि गांव के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को लेकर दो पक्षों में काफी समय से विवाद है। जिसके चलते गांव के कोटे की दुकान का अब तक चयन नहीं हो सका है। कई बार खुली बैठक आयोजित हुई लेकिन विवाद के चलते दुकान चयनित नहीं हो सका। ग्राम पंचायत द्वारा अश्वनी पांडेय पुत्र चंद्रभान पांडेय के पक्ष में प्रस्ताव भेजा गया। जिसे एसडीएम ने खारिज कर दिया। इस बीच 9 जुलाई को एडीओ एसटी अशोक यादव ने विभागीय लोगों के साथ गांव पहुंच कर बैठक किया और संतोष राजभर के पक्ष में दुकान का आवंटन कर दिया। इस पर ग्राम प्रधान का आरोप है कि इस बैठक में वह स्वयं मौजूद नहीं थे, वहीं चयन बैठक में रजिस्टर पर जो हस्ताक्षर हुए है, वह भी फर्जी हैं। इस पर प्रधान और ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की। मुख्यमंत्री को पत्रक भेजने वालों में ग्राम प्रधान के साथ ही रामबुझारत, रामनाथ, पिंटू गोंड, संतोष, निजामुद्दीन, हेमचंद, देवतादीन, अरविंद आदि शामिल रहे।